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May 3, 2020

बलिदानी मेजर अनुज सूद के ब्रिगेडियर पिता, 3 महीने पहले हुई थी शादी, उसने वही किया जो उसका कर्तव्य था

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ब्रिगेडियर सूद ने कहा कि उन्हें मेजर अनुज की पत्नी के लिए ज्यादा दुःख हो रहा है। उनकी शादी 3-4 महीने पहले ही हुई थी। उन्होंने कहा कि ये तो उनके बेटे का कर्तव्य था, जो उन्होंने निभाया। उनका काम ही था कि वो लोगों की जान बचाएँ।

जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में 5 जवान वीरगति को प्राप्त हुए। उनमें से एक नाम मेजर अनुज सूद का भी है, जिन्होंने देश के लिए प्राण न्यौछावर कर दिया। उनके पिता ब्रिगेडियर चंद्रकांत सूद (रिटायर्ड) ने कहा है कि उनके बेटे ने सबसे बड़ा बलिदान दिया है। आँखों में आँसू लिए पिता ने कहा कि उनके बेटे के साथ जो हुआ, वो तो उसकी ड्यूटी का हिस्सा था। सूद ने कहा कि उनके बलिदानी बेटे को इसीलिए ही तो ट्रेनिंग मिली थी।

एक पिता के ये शब्द काफ़ी झकझोड़ने वाले हैं। ख़ासकर जम्मू कश्मीर की उस जनता के लिए, जिन्हें बचाने के लिए सेना के जवानों ने अपना परम बलिदान दिया। पिता भले ही सेना में रहे हों, लेकिन फिर भी वो एक पिता हैं। भले ही सेना में उन्हें या उनके बेटे को कड़ी ट्रेनिंग मिली हो, देशभक्ति उनके रग-रग में हो-लेकिन इस उम्र में उनके लिए बेटे की मौत से बड़ा सदमा शायद कुछ हो ही नहीं सकता था।

ब्रिगेडियर सूद ने कहा कि उन्हें मेजर अनुज की पत्नी के लिए ज्यादा दुःख हो रहा है। उनकी शादी 3-4 महीने पहले ही हुई थी। उन्होंने कहा कि ये तो उनके बेटे का कर्तव्य था, जो उन्होंने निभाया। उनका काम ही था कि वो लोगों की जान बचाएँ। हंदवाड़ा में हुए मुठभेड़ में 12 घंटों तक गोलीबारी होती रही, जिसके बाद वीरगति को प्राप्त जवानों से सम्पर्क टूट गया था। बाद में ऑपरेशन चला कर लश्कर के कमांडर हैदर को मार गिराया गया।
He has made a supreme sacrifice. It was part of his duty&what he was trained for. I feel sad for his wife as they just got married 3-4 months back. He was meant to save lives: Rtd Brig Chandrakant Sood, father of late Major Anuj Sood, who lost his life in an encounter in Handwara
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सेना को सूचना मिली थी कि आतंकवादी कुपवाड़ा जिले के चंजी मोहल्ला, हंदवाड़ा में एक घर में लोगों को बंधक बना रहे हैं। सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया था। सेना के 5 और जेके पुलिस के 1 जवान ने फँसे लोगों को निकालने के लिए उस घर में प्रवेश किया। नागरिकों के जानमाल को क्षति न पहुँचे, इसके लिए सेना ने बाहर से हमले की बजाए अंदर जाना उचित समझा।

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May 2, 2020

तबलीगी जमात के लोगों ने बीमारी छिपाकर अपराध किया है, कार्रवाई करेंगे-CM योगी दो टूक

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"बीमारी होना कोई अपराध नहीं है, लेकिन ऐसी संक्रामक बीमारी को छुपाना अपने आप में एक अपराध है और ये अपराध तबलीगी जमात से जुड़े हुए लोगों ने किया है। उत्तर प्रदेश या फिर देश के किसी भी भाग में जहाँ भी कोरोना का प्रसार देखने को मिला है, इसके पीछे तबलीगी जमात का हाथ है।”


कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच इंडिया टुडे ग्रुप के ई-एजेंडा आजतक ‘मुख्यमंत्री स्पेशल’ का आगाज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुआ। इस दौरान उन्होंने हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। सीएम योगी ने कहा कि तबलीगी जमात के लोगों ने संक्रमण के मामले छिपाए, जिसकी वजह से यह तेजी से फैला।

सीएम योगी ने कहा कि कोरोना से लड़ने में मीडिया ने अहम भूमिका निभाई है। इस वैश्विक महामारी के खिलाफ पूरे देश को एकजुट होकर लड़ना होगा। हम दुनिया के कई देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में हैं लेकिन अभी हमें और सतर्क रहने की जरूरत होगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हम आर्थिक गतिविधियों को भी आगे बढ़ाने की शुरुआत कर रहे हैं।

जब सीएम योगी आदित्यनाथ से तबलीगी जमात द्वारा संक्रमण फैलाने के प्रकरण में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “तबलीगी जमात का कार्य नि:संकोच बड़ा ही अशोभनीय था। बीमारी होना अलग बात है। बीमारी होना कोई अपराध नहीं है। लेकिन ऐसी संक्रामक बीमारी को छुपाना अपने आप में एक अपराध है और ये अपराध तबलीगी जमात से जुड़े हुए लोगों ने किया है। उत्तर प्रदेश या फिर देश के किसी भी भाग में जहाँ भी कोरोना का प्रसार देखने को मिला है, इसके पीछे तबलीगी जमात का हाथ है।”

उन्होंने कहा, “अगर उन्होंने इस बीमारी को छुपाया नहीं होता और इसका कैरियर बनकर वो जगह-जगह नहीं गए होते तो संभवत: हमलोग पहले लॉकडाउन में काफी हद तक कोरोना को स्थिर कर चुके होते। लेकिन उन्होंने जो अपराध किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।” इसे आप वीडियो में 22:10 से 23:40 के बीच सुन सकते हैं।


इसके बाद सीएम से पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों के ऊपर हमला और अभद्र व्यवहार को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जमात और तबलीगी से जुड़े बहुत से लोगों ने काफी जगहों पर अभद्र व्यवहार भी किया है। गाजियाबाद में नर्सों के साथ अभद्र कार्य किया जो काफी दुर्भाग्य की बात है।

ऐसे ही वाराणसी और कानपुर के साथ ही कई अन्य जगहों पर भी तबलीगी जमात के लोगों ने अभद्रता की, जिसके लिए पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब वो नहीं माने तब कठोरतापूर्वक कार्रवाई की गई है और साथ ही सचेत भी कर दिया गया है तो कानून का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान यूपी के सीएम ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त खाद्यान्न है। हमने लॉकडाउन के शुरुआत से ही किसानों की मदद के लिए सभी मशीनों को उनके खेतों तक पहुँचाया। उन्होंने कहा राज्य में अधिकांश खेतों में कटाई का काम पूरा हो चुका है। अगर किसी किसान के फसल का नुकसान हुआ है तो उन्हें 48 घंटे के भीतर मुआवजा देने की व्यवस्था की है।


योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि राज्य के अलग-अलग जनपदों में माइग्रेंट श्रमिकों की वापसी से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। लोग ट्रकों और मालगाड़ियों में छुपकर आ रहे हैं जो सरकार के लिए एक चुनौती है। उन्होंने प्रवासी मजदूरों से अपील की है कि वो पैदल यात्रा न करें। इससे उनके साथ-साथ अन्य लोगों के स्वास्थ्य को भी खतरा है। उन्होंने मजदूरों को आश्वस्त करते हुए कहा कि केंद्र और यूपी सरकार उनके साथ है, वे चिंता न करें।

साथ ही उन्होंने लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से ख़त्म करने की प्रक्रिया को भी बताया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद है कि जल्द ही ऑरेंज जोन को भी ग्रीन जोन में बदल दिया जाए। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से काम करना होगा, जिससे कि कोरोना का चेन भी टूटे और लोगों का जनजीवन भी अस्त-व्यस्त न हो।

गौरतलब है कि सीएम योगी ने दूसरे प्रदेशों से लॉकडाउन के दौरान अब तक यूपी में आए सभी प्रवासी श्रमिकों व युवाओं के लिए गाँवों, कस्बों और संबंधित जनपदों में ही 15 लाख रोजगार व नौकरियाँ उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई कमिटी की प्रगति की समीक्षा की थी और उन्हें इसमें गति प्रदान करने के लिए कहा था। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने खादी से मास्क बनाने का तरीका अपनाकर 20 लाख महिलाओं व 6 लाख बुनकरों को रोजगार उपलब्ध करवाया था।


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कर्नाटक-‘तबलीगी हीरो’ ट्ववीट पर IAS अधिकारी को नोटिस, आम चुनावों के दौरान भी हुई थी मोहम्मद मोहसिन पर कार्रवाई

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IAS अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने ट्वीट कर कह था कि केवल दिल्ली में 300 से अधिक ‘तबलीगी हीरो’ देश की सेवा के लिए प्लाज्मा दान कर रहे हैं। लेकिन ‘गोदी मीडिया’ इन हीरो के मानवता कार्य को नहीं दिखाएगा।

कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन को एक ट्वीट को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्होंने संक्रमण मुक्त हो चुके तबलीगी जमात के सदस्य द्वारा अन्य मरीजों के लिए प्लाज़्मा दान करने पर टिप्पणी की थी।
Karnataka government has issued a show-cause notice to IAS officer Mohammad Mohsin for his tweet on Tablighi Jamaat members donating plasma for treatment of COVID19 patients. Mohsin is serving as Secretary, Backward Classes Welfare Department, Govt of Karnataka.

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कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने कोरोना से स्वस्थ हुए तबलीगी जमात के लोगों की ओर से अन्य मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा दान करने को लेकर ट्वीट किया था। 27 अप्रैल को किए गए ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि केवल दिल्ली में 300 से अधिक ‘तबलीगी हीरो’ देश की सेवा के लिए प्लाज्मा दान कर रहे हैं। लेकिन ‘गोदी मीडिया’ इन हीरो के मानवता कार्य को नहीं दिखाएगा। मूल रूप से बिहार के रहने वाले मोहम्मद मोहसिन इस समय पिछड़ी जाति कल्याण विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं।

Karnataka Govt has issued show cause notice to IAS Officer Mohammad Mohsin for the following tweet.

Earlier a similar action was taken against him during Lok Sabha elections when he ordered to check PM Modi’s chopper as election observer.

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राज्य सरकार ने मोहसिन के ट्वीट को गंभीरता से लेते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनसे पाँच दिन के भीतर अखिल भारतीय सेवा के नियमों (All India Services (Conduct) Rules, 1968) के उल्लंघन पर लिखित जवाब देने के लिए कहा गया है। कर्नाटक सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह शक्तिशाली अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी, अगर उनकी गतिविधियाँ ऐसे समय में समरसता को खराब करती है जब कोविड-19 के लिए एकजुटता की जरूरत है। नोटिस में कहा गया है कि अगर वो पाँच दिनों के भीतर स्पष्टीकरण नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ All India Services (Discipline and Appeal) Rules, 1969 के तहत कार्रवाई की जाएगी।


बता दें कि आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन पिछले साल उस समय चर्चा में आए थे, जब अप्रैल में ओडिशा दौरे के दौरान चुनाव पर्यवेक्षक के नाते उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की जाँच करने की कोशिश की थी और चुनाव आयोग ने उन्हें 17 अप्रैल को निलंबित कर दिया था।

गौरतलब है कि पिछले दिनों प्लाज़्मा थेरेपी से कोरोना वायरस (COVID-19) के उपचार की बात पर स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा था कि यह थेरेपी अभी सिर्फ प्रायोगिक चरण में ही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि कोरोना वायरस के उपचार में यदि प्लाज्मा थेरेपी का प्रयोग दिशा-निर्देशों के अनुसार नहीं हुआ तो यह जान के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है।

गौरतलब है कि दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में तबलीगी जमात के मजहबी कार्यक्रम हुए, जिसमें प्रशासन के दिशा-निर्देशों और लॉकडाउन का खुला उल्लंघन किया गया। इसके बाद सैकड़ों लोग अलग-अलग राज्यों में जाकर छिप गए। उन्हें खोजने गए पुलिसकर्मियों और उनकी स्क्रीनिंग के लिए गई मेडिकल टीम पर हमले भी हुए। मजहबी कार्यक्रम में भाग लेने के बाद ये तबलीगी देश के कई हिस्सों में जाकर छिप गए। इसकी वजह से कोरोना संक्रमण मामले में धड़ल्ले से इजाफा होता दिखा। पिछले दिनों रायबरेली में 33 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे, जिसमें 31 के ताल्लुकात तबलीगी जमात से थे।

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May 1, 2020

असम की मस्जिद में सामूहिक नमाज रुकवाने पर हमला, गोधरा में कंटेनमेंट जोन सील करने पहुँची पुलिस पर पथराव

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गोधरा के पंचमहल में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच उस समय झड़प हो गई जब पुलिस कंटेनमेंट जोन इलाके को सील करने पहुँची थी। इस दौरान स्थानीय लोगों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। हालात काबू करने के लिए पुलिस को आँसू गैस का प्रयोग करना पड़ा।

लॉकडाउन के बीच पुलिस पर हमले का सिलसिला जारी है। गुजरात के गोधरा में कंटेनमेंट जोन सील करने पहुॅंची पुलिस पर पथराव किया गया। वहीं असम की एक मस्जिद में पुलिस ने जब लोगों को सामूहिक रूप से नमाज अदा करने से रोका तो उन्होंने हमला कर दिया। हमले में पॉंच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि गोधरा में एक अधिकारी के घायल होने की सूचना है।

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जानकारी के मुताबिक असम के लखीमपुर जिले के दक्खिन पंडोवा गाँव की एक मस्जिद में गुरुवार रात को कुछ लोग लॉकडाउन का उल्लंघन कर नमाज अदा करने के लिए एकत्र हो गए। जानकारी मिलने पर नाओबीचा पुलिस चौकी के प्रभारी बिस्वजीत नाथ एक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे।

पुलिस ने मस्जिद के अंदर इमाम सहित 12 लोगों को मौके पर पाया। पुलिस ने सभी को लॉकडाउन का हवाला देते हुए इकट्ठा न होने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की बात कही। पुलिस अधिकारी के मुताबिक मस्जिद में पहुँचने से पहले इलाके में खुल रहे एक बाजार को पुलिस की टीम ने तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। इसके बाद जैसे ही पुलिस की टीम मस्जिद से निकली उस पर पथराव शुरू हो गया। इसमें ग्राम प्रधान सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। पथराव में पुलिस का वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।

इसके बाद गाँव में भारी पुलिस तैनात कर दी गई है। वहीं पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मस्जिद के इमाम सहित 12 लोगों के खिलाफ लखीमपुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही पुलिस अब मामले की जाँच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस को मस्जिद में नमाजियों के जुटने की जानकारी गाँव के प्रधान ने ही दी थी।

लखीमपुर के पुलिस अधीक्षक राजवीर ने पीटीआइ से कहा, “ऐसे समय में जब पूरा राज्य लॉकडाउन मानदंडों का पालन कर रहा है, ऐसी घटना अवांछित है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।” एक अन्य अधिकारी ने कहा, “ग्राम प्रधान अब्दुल जलील फ़ारशी और ग्राम रक्षा दल ने उन्हें मस्जिद का दौरा न करने के लिए कई बार कहा और उनसे घरों में नमाज़ अदा करने को कहा। लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी और उन्हें अपमानित करने के साथ-साथ धमकी भी दी गई।”

स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक असम में कोरोना से एक की मौत है। अब तक राज्य में संक्रमण के 42 मामले सामने आए हैं। 29 लोग अस्पतालों से ठीक होकर अपने घरों को जा चुके हैं।

वहीं गुजरात के गोधरा के पंचमहल में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच उस समय झड़प हो गई जब पुलिस कंटेनमेंट जोन इलाके को सील करने पहुँची थी। इस दौरान स्थानीय लोगों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। हालात काबू करने के लिए पुलिस को आँसू गैस का प्रयोग करना पड़ा। पथराव में पुलिस निरीक्षक एमपी पांड्या घायल हो गए, उनके सिर में हल्की चोट आई है।
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दिल्ली-रडार पर मौलाना साद का वह बैंक अकाउंट, जिससे 48 घंटे में करोड़ों होते थे ट्रांसफर, UP में 9 विदेशी जमाती गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच तबलीगी मकरज जमात के बैंक ऑफ इंडिया के उस खाते के बारे में जानकारी हासिल करना चाह रही है, जिसमें पैसे आने के 24-28 घंटे के भीतर करोड़ों रुपए गायब कर दिए जाते थे। ये पैसे ज्यादा से ज्यादा 48 घंटे के भीतर अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए जाते थे।

देश में बड़े स्तर पर कोरोना वायरस को फैलाने के जिम्मेदार माने जा रहे तबलीगी जमातियों पर अब लगभग हर राज्य में एक्शन लिया जा रहा है। इस क्रम में आज यूपी पुलिस ने शाहजहाँपुर में थाईलैंड से आए 9 विदेशियों समेत 11 जमातियों को गिरफ्तार किया गया। विदेशी जमातियों पर विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने भी तबलीगी जमात पर अपना शिकंजा कस लिया है। खबर है कि इस समय मौलाना साद से जुड़े एक ऐसे बैंक अकाउंट के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है, जिसमें करोड़ों रुपए की ट्रांसैक्शन होती थी। लेकिन ये करोड़ों रुपए मात्र 48 घंटे में गायब हो जाते थे।

लोकमत की खबर के अनुसार, पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि 2 अप्रैल को शहर के ही मोहल्ला खलील सरकी में जमात से लौटे थाईलैंड के 9 लोगों और तमिलनाडु के 2 लोगों को तथा इन्हें मस्जिद में ठहराने वाले एक व्यक्ति को पकड़ा गया था।

इसके बाद इन सभी का कोरोना टेस्ट कराया गया था। टेस्ट के परिणामों में थाईलैंड से आए एक जमाती को कोरोना से संक्रमित पाया गया था। जिसे पुलिस ने इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया था और बाकियों को क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया था।

क्वारंटाइन की अवधि पूरी हो जाने और पॉजिटिव पाए गए मरीज के पूरी तरह ठीक हो जाने के बाद सभी का मेडिकल कराया गया और रिपोर्ट आते ही सभी को जेल भेज दिया गया। बता दें जिस अस्थाई जेल में जमातियों को रखा गया है, उसके बाहर पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है।

एक ओर राज्य सरकारों के आदेश के बाद से तबलीगी जमातियों की धर पकड़ जारी है। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच तबलीगी मकरज जमात के बैंक ऑफ इंडिया के उस खाते के बारे में जानकारी हासिल करना चाह रही है, जिसमें पैसे आने के 24-28 घंटे के भीतर करोड़ों रुपए गायब कर दिए जाते थे। ये पैसे ज्यादा से ज्यादा 48 घंटे के भीतर अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए जाते थे। 

दिलचस्प बात ये है कि मरकज के लिए होने वाली फंडिंग की कमान मौलाना साद, उसके दो बेटे व भांजे के हाथ में थी। ये चारों ही सारे लेनदेन की देख-रेख करते थे।

यहाँ बता दें तबलीग़ी मरकज के मुखिया मौलाना मुहम्मद साद को क्राइम ब्रांच लगातार नोटिस भेज रही है। लेकिन, वह न तो पुलिस को इन नोटिसों का ठीक से जवाब दे रहा है और न ही जाँच में सहयोग करने के लिए तैयार है। हालत यह है कि क्राइम ब्रांच ने चौथा नोटिस तीन दिन पहले भेजा है। जिसका ठीक से जवाब नहीं मिलने पर अब 5वाँ नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। दूसरी ओर जगह-जगह से तबलीगी जमातियों के पकड़े जाने का उनपर उपयुक्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है।

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NDTV के प्रोपेगैंडा पत्रकार रवीश के ‘अनुराग मिश्रा’ शाहरूख पठान पर चार्जशीट फाइल, दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगों में चलाई थी गोलियाँ

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यह वही शाहरुख है जिसे NDTV के प्रोपेगैंडा पत्रकार रवीश कुमार ने अनुराग मिश्रा साबित करने की कोशिश की थी। हालाँकि यह उसी समय स्पष्ट हो चुका था कि बंदूक से आठ राउंड फायरिंग करने वाला व्यक्ति मोहम्मद शाहरुख पठान था ना कि अनुराग मिश्रा।

दिल्ली पुलिस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने वाले मोहम्मद शाहरूख पठान के खिलाफ कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। शाहरुख के अलावा दिल्ली पुलिस ने कलीम अहमद और इश्तियाक मलिक के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की है। इनमें से कलीम अहमद कैराना का रहने वाला है।

इसी शाहरूख पठान ने हेड कॉन्स्टेबल दीपक दहिया और अन्य लोगों पर गोली चलाई थी। पुलिस ने हिंसा के दौरान हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर गोली चलाने वाले शाहरुख पठान के खिलाफ कड़कड़डूमा कोर्ट में 350 पृष्ठों से अधिक का आरोप पत्र दाखिल किया है।

उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) के विरोध में 23 और 24 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत दौरे से ठीक पहले उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसा हुई थी। इस दौरान जाफराबाद-मौजपुर इलाके में लोगों को भड़काने और हलवदार पर पिस्तौल तानने के आरोपित शाहरुख को यूपी के शामली से 3 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
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यह वही शाहरूख पठान है जिसे NDTV के प्रोपेगैंडा पत्रकार रवीश कुमार ने अनुराग मिश्रा साबित करने की कोशिश की थी। हालाँकि यह उसी समय स्पष्ट हो चुका था कि बंदूक से आठ राउंड फायरिंग करने वाला व्यक्ति मोहम्मद शाहरुख पठान था ना कि अनुराग मिश्रा। इस मामले में शाहरुख के पास से 7.65 की एक पिस्तौल तथा दो कारतूस जब्त किए गए थे। रवीश कुमार ने विस्तृत रूप से बताया कि उसे मॉडलिंग का शौक है, वह टिक टॉक पर वीडियो बनाता था और उसने एक म्यूजिक एलबम भी बनाई है। 

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उत्तराखंड-, पुलिस ने माँगा जवाब, लॉकडाउन की याद दिलाने पर दिलशाद खान पटवारी ने की महिला से अभद्रता


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सोशल मीडिया पर आँगनबाड़ी सेविका और दिलशाद खान की झड़प का वीडियो खूब वायरल हुआ। वीडियो में देखा जा सकता है जब आँगनबाड़ी सेविका ने राजस्व अधिकारी दिलशाद खान से पूछा कि आप रोज घर से आना जाना करते हो, क्या आपको संक्रमण नही हो सकता? तो इस बात पर दिलशाद खान ने महिला के साथ अभद्रता की।

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में सरकारी राजस्व पुलिस की एक महिला आंगनबाड़ी सेविका से अभद्रता पर पुलिस ने संज्ञान लिया है। सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो खूब वायरल हुआ। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला द्वारा दिलशाद खान नाम के पटवारी (राजस्व पुलिस) को लॉकडाउन के नियमों की अवहेलना करने पर सवाल पूछने वाली महिला के साथ दिलशाद खान ने न सिर्फ दबंगई दिखाई बल्कि अपने मुस्लिम होने के कारण विक्टिम कार्ड खेलने का प्रयास भी किया। दिलशाद खान ने महिला से उनका मोबाइल भी छीन लिया और उनके साथ अभद्रता भी की। दिलशाद खान राजस्व उप निरिक्षक क्षेत्र के गौलीखाल चौकी में तैनात हैं।

आँगनबाड़ी सेविकाओं को मिली है कोरोना वायरस पर जागरूकता की जिम्मेदारी
दरअसल, उत्तराखंड सरकार के आदेश पर आँगनबाड़ी सेविकाएँ कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं। इसी दौरान अपनी ड्यूटी पर तैनात एक आंगनबाड़ी सेविका ने बिना मास्क पहने और ‘पुलिस’ नेम प्लेट वाली बाईक पर घूमते पटवारी को देखा तो उसे रोककर मास्क लगाने की सलाह दी।

साथ ही उन्होंने उनसे यह भी सवाल किए कि वह लॉकडाउन के बावजूद रोज अपने घर बाइक पर क्यों निकल जाते हैं? यह सब सवाल दिलशाद खान को अपनी शान में दखलंदाजी महसूस हुई और पटवारी का मिजाज गर्म हो गया।
गौलीखाल पटवारी चौकी , नैनीडांडा , पौड़ी ।
राजस्व अधिकारी दिलशाद खान ।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ती द्वारा यह पूछे जाने पर की आप रोज घर से आना जाना करते हो क्या आपको संक्रमण नही हो सकता ? लोगों का कहना है कि यह काशीपुर से पौड़ी आते हैं बिना मास्क के , और महिला कर साथ यह व्यवहार ?

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जब आँगनबाड़ी सेविका पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाने लगी, तो दिलशाद पटवारी ने विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश की और अपने मजहब को बीच में लाने का प्रयास किया। इसके अलावा दिलशाद खान आँगनबाड़ी सेविका को अपने पद की धौंस भी दिखाने लगा। इस सबके बावजूद महिला भी लगातार पटवारी से मास्क न पहनने का कारण पूछती रही। इसी दौरान वीडियो बनाने से बौखलाए पटवारी ने महिला आँगनबाड़ी सेविका का हाथ पकड़कर उनसे मोबाईल छीन लिया।

सोशल मीडिया पर आँगनबाड़ी सेविका और दिलशाद खान की झड़प का वीडियो खूब वायरल हुआ। वीडियो में देखा जा सकता है जब आँगनबाड़ी सेविका ने राजस्व अधिकारी दिलशाद खान से पूछा कि आप रोज घर से आना जाना करते हो, क्या आपको संक्रमण नही हो सकता? तो इस बात पर दिलशाद खान ने महिला के साथ अभद्रता की। रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रामवासियों का भी कहना है कि दिलशाद खान नियमों की अवहेलना करते हुए रोजाना काशीपुर से पौड़ी आवागमन करते हैं जिस कारण महिला ने उनसे सवाल करना जरूरी समझा।

पटवारी दिलशाद का घर उधमसिंहनगर जिले में है और वह हर दिन घर से पौड़ी अपनी बाइक, जिसके आगे ‘पुलिस’ लिखा हुआ है, से बिना किसी भय के आने-जाने के साथ ही बिना मास्क पहने घूमता रहता है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड का उधमसिंह नगर जिला भी कोरोना वायरस संक्रमण के हॉटस्पॉट बने जिलों मे से एक है।

दिलशाद खान मामले को जाँच के लिए जिलाधिकारी को सौंपा गया
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर संज्ञान लेते हुए एसएसपी जिला पौड़ी गढ़वाल द्वारा कार्रवाई हेतु यह मामला जिलाधिकारी को भेजा गया है।
Tagging @Ashokkumarips for information and action. Several tweets to @uttarakhandcops haven’t elicited any response. Action needs to be initiated against this person ASAP.

Cc @tsrawatbjp @alok_bhatt
वास्तव में दिलशाद खान इस वजह से भी चिंता का विषय हैं क्योंकि सरकारी पदों पर रहने के बावजूद भी उनका व्यवहार अन्य मुस्लिमों की तरह ही देखा गया है जो कि देशभर में कोरोना वायरस के बीच जारी लॉकडाउन के दौरान उपद्रव मचा रहे हैं। यदि प्रशासन का हिस्सा होने के बावजूद और उत्तराखंड जैसे राज्य में भी एक मुस्लिम अपने नाम के कारण विक्टिम कार्ड खेलते हुए देखा जाता है तो यह वास्तव में एक चिंता का विषय है।

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Vigyapan